Skip to main content

हिंदी साहित्य कक्षा 11 - Solution & Summery

हिंदी साहित्य - अंतरा - कक्षा 11 


  1. ईदगाह Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 1 Summary - सप्रसंग व्याख्या
  2. दोपहर का भोजन - सप्रसंग व्याख्या - Class 11 Hindi Antra Chapter 2 Summary
  3. टार्च बेचने वाले Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 3
  4. गूँगे Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 4
  5. ज्योतिबा फुले Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 5
  6. खानाबदोश Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 6
  7. नए की जन्म कुंडली : एक Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 7
  8. उसकी माँ Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 8
  9. भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है? Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 9


हिंदी साहित्य - पद्य भाग 


  1. अरे इन दोहुन राह न पाई बालम; आवो हमारे गेह रे Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 10
  2. खेलन में को काको गुसैयाँ, मुरली तऊ गुपालहिं भावति Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 11
  3. हँसी की चोट, सपना, दरबार Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 12
  4. औरै भाँति कुंजन में गुंजरत, गोकुल के कुल के गली के गोप, भाैंरन को गुंजन बिहार Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 13
  5. संध्या के बाद Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 14
  6. जाग तुझको दूर जाना, सब आँखों के आँसू उजले Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 15
  7. नींद उचट जाती है Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 16
  8. बादल को घिरते देखा है Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 17
  9. हस्तक्षेप Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 18
  10. घर में वापसी Summary – Class 11 Hindi Antra Chapter 19


अंतराल - हिंदी साहित्य - कक्षा 11 


  1. अंडे के छिलके Summary – Class 11 Hindi Antral Chapter 1 - Dramma
  2. हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी Summary – Class 11 Hindi Antral Chapter 2
  3. आवारा मसीहा Summary – Class 11 Hindi Antral Chapter 3

Comments

Popular posts from this blog

सूरदास की झोंपड़ी - Summary – Class 12 Hindi Antral Chapter 1

सूरदास की झोंपड़ी – प्रेमचंद – कवि परिचय - Surdas ki jhopadi प्रश्न : प्रेमचंद की साहित्यिक तथा भाषागत विशेषताओं का परिचय देते हुए उनकी कृतियों का उल्लेख कीजिए। उत्तर : जीवन परिचय : प्रसिद्ध कथाकार मुंशी प्रेमचन्द का जन्म सन् 1880 ई. में वाराणसी के समीप लमही नामक गाँव में हुआ था। उनका मूल नाम धनपतराय था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी में हुई। उन्होंने क्वींस कॉलेज वाराणसी से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। सन् 1896 ई. में उनके पिता की मूत्यु हो गई, अत: उन्हें एक प्राइमरी स्कूल का अध्यापन कार्य करने के लिए विवश होना पड़ा। बाद में वे सब डिप्टी इंस्पेक्टर तक पहुँच गए। उन्होंने बी. ए, की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। सन् 1920 में महात्मा गाँधी के प्रभाव में आकर उन्होंने सरकारी नौकरी त्याग दी। इसके पश्चात् वे स्वतंत्र लेखन करते रहे। ‘प्रेमचंद’ नाम उन्होंने लेखन के लिए अपनाया और वही प्रसिद्ध हो गया। प्रारंभ में वह उर्दू में लिखते थे। कुछ वर्षों के बाद उन्होंने अपनी उर्दू रचनाएँ हिन्दी में अनूदित की। Xpassbook.blogspot.com आगे चलकर उन्होंने मूल रूप से हिन्दी में ही लिखना शुरू कर दिया। उन्होंने...

बारहमासा Barahmasa Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 8

बारहमासा – मलिक मुहम्मद जायसी – कवि परिचय प्रश्न : मलिक मुहम्मद जायसी का संक्षिप्त जीवन-परिचय बेते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए एवं भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए। उत्तर : जीवन-परिचय : प्रेम की पीर के गायक, सूफी कवि मलिक मुहम्मद जायसी का जन्म 1492 ई. में जायस (उ. प्र.) नामक ग्राम में हुआ था। पिता की मृत्यु इनके बचपन में ही हो गई थी। अतः इनका पालन-पोषण ननिहाल में छी हुआ। उनका बाह्म व्यक्तित्व आकर्षक न था, पर वे उदार सूफी संत होने के साथ-साथ संवेदनशील कवि थे। उन्होंने सैयद अशरफ जहाँगीर और मेंहदी शेख बुरहान का उल्लेख अपने गुरु के रूप में किया है। 1542 ई. में इनकी मृत्यु हुई। Xpassbook.blogspot.com रचनाएँ : जायसी द्वारा रचित बारह ग्रंथ बताए जाते हैं, किंतु अभी तक केवल सात ही उपलब्ध हैं-‘पप्यावत’, ‘अखरावट’, ‘आखिरी कलाम’, ‘चित्रेखा’, ‘कहरनामा’, ‘मसलानामा’ और ‘कान्हावत’। इनमें पद्मावत (महाकाव्य) उनकी प्रसिद्धि का प्रमुख आधार है। काव्यगत विशेषताएँ : प्रेमाख्यान-परंपरा के कवियों में जायसी सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। उनकी अमर कृति ‘पद्मावत’ एक आध्यात्मिक प्रेम-गाथा है। उन्होंने प्रेम तत्त्व ...

बिस्कोहर की माटी - Summary – Class 12 Hindi Antral Chapter 2

बिस्कोहर की माटी – डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी – कवि परिचय  - Biskohar ki mati  प्रश्न : डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी का संक्षिप्त जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए। उत्तर : जीवन-परिचय-डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी का जन्म 16 फरवरी, 1931 को बिस्कोहर गाँव, जिला बस्ती (सिद्धार्थ नगर) उ. प्र. में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में हुई। तत्पश्चात् बलरामपुर कस्बे में आगे की शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए वे पहले कानपुर और बाद में वाराणसी गए। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ से पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। शुरू में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के राजधानी कॉलेज में अध्यापन कार्य किया, फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में अध्यापन कार्य से जुड़े रहे। यहीं से सेवानिवृत्त होकर स्वतंत्र लेखन कर रहे है। Xpassbook.blogspot.com रचनाएँ – उनकी रचनाओं में प्रारंभिक अवधी, हिंदी आलोचना, हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास, लोकवादी तुलसीदास, मीस का काव्य, देश के इस दौर में, कुछ कहानियाँ कुछ विचार, पेड़ का हाथ, जैसा कह सका (कविता-संग्रह) प्रमुख हैं। उन्होंने आरंभ में आचार्य हजारी ...