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हिन्दी साहित्य - कक्षा - 12 - Solution and Summery


Hindi Antra Class 12 Summary

Class 12 Hindi Poems Summary Antra

  1. देवसेना का गीत, कार्नेलिया का गीत Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 1
  2. गीत गाने दो मुझे, सरोज स्मृति - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 2
  3. यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 3
  4. बनारस, दिशा Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 4
  5. एक कम, सत्य Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 5
  6. वसंत आया, तोड़ो Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 6
  7. भरत-राम का प्रेम - तुलसीदास के पद - Class - 12 Hindi Antra Chapter 7
  8. बारहमासा Barahmasa Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 8
  9. विद्यापति के पद - Vidyapati ke pad - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 9
  10. रामचंद्रचंद्रिका - Ramchandrachandrika - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 10
  11. घनानंद के कवित्त / सवैया - Ghananand ke kavitt/ savaiya - Summery Hindi Antra Chapter 11


12th Class Hindi Book Antra Chapters Summary


  1. प्रेमघन की छाया-स्मृति Premghan ki chhaya smriti - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 12
  2. सुमिरिनी के मनके Sumirini ke manke Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 13
  3. कच्चा चिट्ठा Kachha chithha - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 14
  4. संवदिया - Samvadiya - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 15
  5. गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 16
  6. शेर, पहचान, चार हाथ, साझा Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 17
  7. जहाँ कोई वापसी नहीं - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 18
  8. यथास्मै रोचते विश्वम् - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 19
  9. दूसरा देवदास - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 20
  10. कुटज - Summary – Class 12 Hindi Antra Chapter 21


Hindi Antral Class 12 Summary


  1. सूरदास की झोंपड़ी - Summary – Class 12 Hindi Antral Chapter 1
  2. बिस्कोहर की माटी - Summary – Class 12 Hindi Antral Chapter 2
  3. अपना मालवा खाऊ-उजाडू सभ्यता में Summary – Class 12 Hindi Antral Chapter 3

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बिस्कोहर की माटी – डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी – कवि परिचय  - Biskohar ki mati  प्रश्न : डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी का संक्षिप्त जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए। उत्तर : जीवन-परिचय-डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी का जन्म 16 फरवरी, 1931 को बिस्कोहर गाँव, जिला बस्ती (सिद्धार्थ नगर) उ. प्र. में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में हुई। तत्पश्चात् बलरामपुर कस्बे में आगे की शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए वे पहले कानपुर और बाद में वाराणसी गए। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ से पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। शुरू में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के राजधानी कॉलेज में अध्यापन कार्य किया, फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में अध्यापन कार्य से जुड़े रहे। यहीं से सेवानिवृत्त होकर स्वतंत्र लेखन कर रहे है। Xpassbook.blogspot.com रचनाएँ – उनकी रचनाओं में प्रारंभिक अवधी, हिंदी आलोचना, हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास, लोकवादी तुलसीदास, मीस का काव्य, देश के इस दौर में, कुछ कहानियाँ कुछ विचार, पेड़ का हाथ, जैसा कह सका (कविता-संग्रह) प्रमुख हैं। उन्होंने आरंभ में आचार्य हजारी ...