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GK Trick - संसद में संयुक्त अधिवेशन का आयोजन (क्रमश:) - Joint session held in Parliament

GK Trick - संसद में संयुक्त अधिवेशन का आयोजन (क्रमश:) - Joint session held in Parliament


GK Trick: - नमस्कार मित्रों , आज हम एक ऐसी बहुत Simple सी GK Trick बताने जा रहे है जिससे कि आपको आसानी से संसद के संयुक्त अधिवेशन ( Joint Session of Parliament ) के बारे में जानकारी होगी कि किन-किन मामलों में संसद का संयुक्त अधिवेशन (Joint Session) हुआ है. XPassbook.blogspot.com


तो इससे पहले हम आपको संयुक्त अधिवेशन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी बताऐंगे !

संसद के संयुक्त अधिवेशन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी  (Joint Session of Parliament in India) : -

  • संविधान के अनुच्छेद 108 के अनुसार यदि किसी विषय पर दोनों सदनों में गतिरोध उत्पन्न हो जाता है तो, राष्ट्रपति महोदय द्वारा दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन बुलाने का प्रावधान है.
  • संविधान के अनुच्छेद 118 के अनुसार संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता लोकसभा के स्पीकर (अध्यक्ष) द्वारा की जाती है, परन्तु यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित रहता है तो लोकसभा उपाध्यक्ष द्वारा की जाती है और दोनों के ही अनुपस्थित रहने पर राज्यसभा के उपसभापति द्वारा की जाती है. यहाँ यह याद रखने योग्य है की राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता नहीं करता क्योंकि वो दोनों में से किसी भी सदन का सदस्य नही होता.
  • अभी तक केवल 3 बार संसद का संयुक्त अधिवेशन बुलाया गया है.  XPassbook.blogspot.com


  1. 1961 में दहेज प्रतिबंध विधेयक के लिए पं, जवाहरलाल नहेरू के समय.
  2. 1978 में बैकिंग सेवा आयोग विधेयक के लिए मोरारजी देसाई के समय.
  3. 2002 में आतंकवाद निवारक विधेयेक (पोटा) अटलबिहारी वाजपेयी के समय.


तो चलिये मित्रों आगे हम आपको ऐसी GK Trick बताऐंगे जिससे कि आप इन तीनों संयुक्त अधिवेशन याद रख पाऐंगे वो भी क्रम से : -   


संयुक्त अधिवेशन  का आयोजन (क्रमश:)

GK Trick - " दहेज बैंक में पिटा "


Explanation - स्पष्टीकरण


  1. दहेज – दहेज विरोधी अधिनियम (1961)
  2. बैंक – बैकिंग सेवा आयोग विधेयक (1978)
  3. पिटा – पोटा (आतंकवाद विरोधी विधेयक) (2002) XPassbook.blogspot.com


तो दोस्तो, उम्मीद है कि ये gk trick आपको बहुत अच्छे से याद हो गयी होंगी .


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